श्रावस्ती। जिले में शनिवार पहले दिन ही प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) में शासन के दावों की हवा निकल गई। बसों का संचालन न होने के कारण परीक्षार्थी निजी साधनों से परीक्षा केंद्र पहुंचे। इसके चलते पहले दिन दोनों पालियो में कुल पंजीकृत 6528 के सापेक्ष 2720 परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र से नदारद रहे।
जिले के छह परीक्षा केंद्रों पर शनिवार को दो पालियों में पीईटी की परीक्षा कराई गई। प्रत्येक पाली में गौरी शंकर टंडन नेहरू स्मारक इंटर कालेज गिलौला में 432, जनता इंटर कालेज पटना खरगौरा में 456, राजा वीरेंद्र कात सिंह महाविद्यालय भिनगा में 624, जगतजीत इंटर कालेज इकौना में 864, श्रीअलक्षेंद्र इंटर कालेज भिनगा में 480 एवं श्री काशी विश्वनाथ इंटर कालेज गिलौला में 408 परीक्षार्थी सहित कुल 6528 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। प्रथम पाली की परीक्षा में पंजीकृत 3264 के सापेक्ष 1857 परीक्षार्थी ही परीक्षा केंद्र पहुंचे। जबकि 1407 परीक्षार्थी परीक्षा के दौरान नदारद रहे।
वहीं दूसरी पाली में पंजीकृत 3264 के सापेक्ष 1951 परीक्षार्थी ने परीक्षा दिया। जबकि 1313 परीक्षार्थी दूसरी पाली में नदारद रहे। सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हुई इस परीक्षा के लिए आठ स्टेटिक मजिस्ट्रेट व चार सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई थी। स्वयं डीएम नेहा प्रकाश व एसपी अरविन्द कुमार मौर्य ने जनता इंटर कालेज, अलक्षेन्द्र इंटर कालेज व राजा वीरेन्द्रकान्त सिंह महाविद्यालय सहित अन्य परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तैनात स्टेटिक व सेक्टर मजिस्ट्रेटों सहित ंकेंद्र व्यवस्थापकों को आवश्यक निर्देश दिया।
शासन की ओर से पीईटी परीक्षा के लिए पर्याप्त निगम की बसों के संचालन का दावा किया गया था। जिसकी पहले दिन ही हवा निकल गई। बसों की संख्या न बढ़ाए जाने के कारण परीक्षार्थियों को न सिर्फ आवागमन में असुविधा हुई। बल्कि परीक्षा केंद्र खोजने में भी उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। परेशानी से बचने के लिए ज्यादातर परीक्षार्थी निजी संसाधनों से पहुंचे। वहीं जानकारी के अभाव में उन्हें पूरे दिन भूखा रहना पड़ा। बस्ती की प्रतिमा व अंजू ने बताया कि गोंडा से बस न मिलने के कारण उन्हें भिनगा आने में काफी दिक्कत हुई। ऐसे मे घर से वाहन मंगा कर यहां पहुंचे।
अयोध्या की सविता व अंकुर ने बताया कि बहराइच तक अयोध्या से बस तो मिल गई। लेकिन भिनगा के लिए बस न मिलने के कारण रात में परेशान होना पड़ा। ऐसे में बहराइच से वाहन बुक कराकर आना पड़ा। जहां होटल आदि की जानकारी न होने के कारण भूखे पेट परीक्षा देने आना पड़ा। ऐसा ही कहना अन्य परीक्षार्थियों का भी था। जो शासन की बदइंतजामी से काफी नाराज दिखे।