श्रावस्ती। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बुधवार से बाल स्वास्थ्य पोषण माह प्रारंभ हुआ। एक माह चलने वाले इस अभियान के दौरान जिले में नौ माह से पांच वर्ष तक के करीब दो लाख नौ हजार बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई जाएगी।
सीएमओ डॉ. शारदा प्रसाद तिवारी ने बताया कि बाल स्वास्थ्य पोषण माह विटामिन-ए संपूर्ण कार्यक्रम टीकाकरण का एक अभिन्न अंग है। यह अभियान प्रति वर्ष दो बार छह-छह माह के अंतराल पर नियमित टीकाकरण, छाया ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस (छाया वीएचएसएनडी) सत्रों पर आयोजित किया जाता है। विटामिन-ए की खुराक देने के लिए डिस्पोजल चम्मच का ही प्रयोग होगा। अधिकतर बच्चों में विटामिन-ए की कमी मिलती है। इसे रोकने के लिए अभियान के तहत प्रत्येक बच्चे को विटामिन-ए की नौ खुराक दिए जाने का प्रावधान है।
यह खुराक छाया ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस के दौरान दी जाएगी। जिसे बुखार, खांसी तथा सांस लेने में तकलीफ हो तो उसे बूथ पर ले जाकर दवा नहीं पिलाई जाएगी। विटामिन-ए वसा में घुलनशील विटामिन है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी व एसीएमओ डॉ. मुकेश मातनहेलिया ने बताया कि विटामिन-ए के सेवन से शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता में वृद्धि होती है। आंखों की परत यानि कार्निया सुरक्षित होती है। इससे बाल मृत्यु दर में कमी, दस्त, खसरा व मलेरिया से होने वाली मृत्यु में कमी, आंखों के रोग जैसे रतौंधी से बचाव और कुपोषण में कमी जैसे फायदे मिलते हैं। यह शारीरिक विकास में भी उपयोगी है।