फोरलेन के ऊपर बह रहा पानी
नदी का जलस्तर विगत 24 घंटे में खतरे के निशान से 130 सेंटीमीटर ऊपर है। जिसके कारण तिलकपुर व रतनापुर के पास बाढ़ का पानी फोरलेन के ऊपर से बहने लगा है। इन्हीं स्थानों पर पटरी भी कट रही है। आने-जाने वालों को प्रशासन ने सावधान किया है कि वह पटरी के निकट वाहन न चलाएं।
कई तरफ आवागमन बाधित
बाढ़ के चलते भिनगा-तेंदुआ मार्ग पुरी तरह से अवरुद्ध है। अवरोध तेंदुआ गांव के पास बने डिप व भिनगा जंगल में है। यहां पानी सड़क के ऊपर तेज रफ्तार में बह रहा है। ऐसे ही भिनगा मल्हीपुर में मार्ग पर मधवापुर के पास पानी सड़क से कई फिट ऊपर है। इससे यह पता नहीं चल पा रहा है कि नीचे सडक़ है या फिर क्षतिग्रस्त हो गई है। ऐसे ही बहराइच मल्हीपुर शिकारी चौड़ा के पास भी सड़क अवरुद्ध है। जिससे आवागमन पूर्ण रूप से बाधित है। यही स्थिति राप्ती बैराज से भिनगा रोड का है जहां वर्गा के पास बने डिप पर करीब चार फिट ऊपर तेज रफ्तार से पानी बह रहा है। जिससे यह मार्ग भी पूरी तरह से बंद है।
तीन दिन से बिजली आपूर्ति बाधित
जिले में चार अक्तूबर की रात से बारिश हो रही है। उसी रात जमुनहा क्षेत्र का उपकेंद्र उल्लहवा में जलभराव हो गया था। बाद में जैसे-जैसे बाढ़ की स्थिति भयावह होती गई। यह उपकेंद्र जलमग्न हो गया। जिसके चलते क्षेत्र की आपूर्ति बाधित कर दी गई थी। शुक्रवार तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। जिसके चलते जमुनहा के सभी लोग अंधेरे में हैं। ऐसे ही सिरसिया क्षेत्र में हाई टेंशन लाइन पर पोल गिरने के कारण सिरसिया क्षेत्र की आपूर्ति बाधित है। जिससे दोनों ब्लाकों के पांच लाख से अधिक लोग अंधेरे में हैं।
मोबाइल बंद कैसे दें प्रशासन को हाल
बाढ़ में प्रशासनिक मदद के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। लेकिन जमुनहा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति न होने के कारण विगत तीन दिनों से लगभग सभी का मोबाइल बंद है। जिसके चलते न तो वह अपनी पीड़ा बता पा रहे हैं और न ही प्रशासन कुछ कर पा रहा है।
जनप्रतिनिधि व अधिकारियों ने किया बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का दौरा
बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को पूर्व सांसद व जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा कई गांवों में पहुंचे। वहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को अपनी ओर से सहायता पहुंचाई। इसके साथ ही प्रशासन की ओर से हर संभव मदद पहुंचाने का वादा भी किया। वहीं बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में शुक्रवार डीएम नेहा प्रकाश व एसपी अरविंद कुमार मौर्य ने कई स्थानों पर दौरा किया। इस मौके पर उन्होंने कर्मचारियों को बाढ़ पीड़ितों तक सहायता पहुंचाने को कहा है।
दोबारा बुलानी पड़ी एनडीआरएफ
जिले में अक्तूबर माह में इतनी बरसात विगत 10 वर्ष में कभी नहीं हुई। आंकड़े यह भी बताते हैं कि इस माह में औसत बरसात 56 एमएम तक ही दर्ज की गई है। लेकिन इस बार सारे रिकॉर्ड टूट गए। पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए आपदा आयुक्त के निर्देश पर जिले में तैनात एनडीआरएफ को सितंबर माह में ही वापस कर दिया गया था। वहीं जब बाढ़ आपदा की स्थिति ज्यादा भयावह हो गई तो शुक्रवार को एनडीआरएफ पुन: वापस आई।
48 घंटे में बरसात की स्थिति
पांच अक्तूबर सुबह 8.00 बजे से छह अक्तूबर सुबह 8.00 बजे तक 121.5 एमएम व छह अक्तूबर सुबह 8.00 बजे से सात अक्तूबर सुबह 8.00 बजे तक 58.66 एमएम बरसात दर्ज की गई।