श्रावस्ती। कजरी तीज पर शिव भक्त जलाशयों से जल लेकर रविवार दोपहर से ही सिरसिया के विभूतिनाथ मंदिर पहुंचने लगे। वहां कांवड़ियों व शिव भक्तों की भीड़ को देखते हुए मध्य रात को ही मंदिर का कपाट खोल दिया गया। रात 12 बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। अन्य शिवालयों में भी शिव भक्तों ने देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक किया।
कजरी तीज पर शिवभक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला। सुहागिनों ने निर्जला व्रत रख पति की दीर्घायु की कामना के लिए शिव, माता पार्वती व गौरी सुत गजानन की आराधना की। सिरसिया के विभूतिनाथ, गोंडा के पृथ्वीनाथ व बहराइच के जंगली नाथ महादेव का जलाभिषेक करने के लिए कांवड़िये रविवार दोपहर ही विभिन्न जलाशयों से जल लेकर पैदल ही रवाना हो गए।
विभूतिनाथ में भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए रात 12 बजे ही मंदिर का कपाट खोल दिया गया। मध्य रात से ही कांवड़ियों ने देवाधिदेव का जलाभिषेक किया। यह सिलसिला सोमवार देर शाम तक जारी रहा। शिवभक्तों ने रजिया ताल से जल लाकर शिव शंभू का जलाभिषेक किया। जिसके चलते विभूतिनाथ मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ देखने को मिली।
डीएम कृतिका शर्मा व एसपी प्राची सिंह ने रात में ही मंदिर में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और जलाभिषेक भी किया।
नंदी के कान में कही मनोकामना
चिलचिलाती धूप भी सोमवार को भक्तों का उत्साह कम न कर सकी। इस दौरान कई भक्त लेट कर मंदिर पहुंचे। कई श्रद्धालुओं ने नंदी के कान में अपनी मनोकामना कही। लोग चिलचिलाती धूप में घंटों लाइन में लगकर जलाभिषेक के लिए अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।