श्रावस्ती। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान की गृहे गृहे संस्कृतम् योजना के तहत शनिवार को प्राथमिक विद्यालय बगुरइयां में सरल संस्कृत संभाषण कक्षा आयोजित की गई। विद्यालय की शिक्षिका कुसुमलता ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत प्राचीन और सभी भाषाओं की जननी है, लेकिन वर्तमान में इसकी लोकप्रियता कम हो रही है। इसके विकास के लिए ऐसे कार्यक्रम आवश्यक हैं। प्रशिक्षक दिवाकर पांडेय ने संस्कृत को व्याकरण की दृष्टि से श्रेष्ठ भाषा बताते हुए कहा कि प्राचीन भारतीय ग्रंथों और संस्कृति के संरक्षण के लिए संस्कृत का ज्ञान जरूरी है। शिक्षामित्र हितेंद्र पांडेय ने संस्थान के प्रयासों की सराहना की।