श्रावस्ती। तीन दिन तक रुक-रुक कर हुई बारिश से मिली राहत सोमवार को दम तोड़ गई। सूरज और बादलों की लुकाछिपी के चलते तराई भीषण उमस की चपेट में रही। सुबह-सुबह निकली धूप ने लोगों को दिन भर बेहाल किया। हालांकि इस दौरान धीमी गति से चली हवा ने लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी। आसमान दिन भर बादलों की आवाजाही से व्यस्त रहा, लेकिन पानी एक भी बूंद तराईवासियों के नसीब में नहीं आई। बारिश न होने से किसान भी परेशान दिखे। किसान भुलईराम, ननके, निरंकार, दिलीप, रिंकू आदि ने बताया कि अभी तक धान की रोपाई करने जितना बारिश नहीं हुई है। अगर एक-दो दिन तेज बारिश हो जाए, तो धान की रोपाई आसानी से हो जाए।