श्रावस्ती। वित्तीय वर्ष समाप्त होने के अंतिम दिन बृहस्पतिवार को जिला योजना की बैठक प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में हुई। इसमें खर्च हो चुके दो अरब 49 करोड़ 18 लाख रुपये को मंजूरी मिली है। इसमें से कुछ परियोजनाओं को जिला पंचायत की बैठक में पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी।
जिला योजना में सभी विभागों के बजट को मंजूरी मिलती है। साथ ही जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्यों की ओर से आए हुए प्रस्ताव पर चर्चा होती है। चर्चा के बाद ही उनके प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है लेकिन वित्तीय वर्ष 2022- 2023 की जिला योजना की बैठक वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च को जिले के प्रभारी मंत्री राकेश राठौर गुरु की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस दौरान दो अरब 49 करोड़ 18 लाख रुपए की योजना को मंजूरी दी गई। जिन योजनाओं को मंजूरी मिली है उनका कार्य पहले ही किया जा चुका है। यहीं नहीं मनरेगा सहित कई अन्य योजनाएं जिन्हें जिला योजना में मंजूरी मिली है। उनको जिला पंचायत के बोर्ड बैठक में पहले ही अनुमोदन मिल चुका है। ऐसे में वित्तीय वर्ष के अंत में योजनाओं को मंजूरी देने की महज औपचारिकता ही निभाई गई है। जिला योजना बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्र, विधायक राम फेरन पांडे, इंद्राणी वर्मा, डीएम नेहा प्रकाश सीडीओ अनुभव सिंह, एसपी प्राची सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
वित्तीय वर्ष 2022- 2023 में केंद्र पुरोनिधानित योजनाओं में कृषि, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, सिंचाई एवं जल संसाधन, मनरेगा, सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय शिक्षा अभियान, ग्रामीण आवास, ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम पर केंद्रांश के रूप में एक अरब, 13 करोड़, 91 लाख 95 हजार रुपया शामिल है। इस पैसे को जिला पंचायत बोर्ड ने पहले ही अपना अनुमोदन दे दिया है। इसके साथ ही पूंजीगत मद में एक अरब 96 करोड़ 25 लाख 18 हजार रुपये के खर्च को मंजूरी मिली। इसके साथ ही स्पेशल कंपोनेंट प्लान के लिए 97 करोड़ 67 लाख 55 हजार रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।