श्रावस्ती। नेपाल में तेजी से बदलते आर्थिक हालात से भारत के सीमावर्ती इलाके भी प्रभावित होने लगे। भारत की तुलना में नेपाल में हमेशा सस्ता मिलने वाला पेट्रोल अब यहां से कहीं ज्यादा महंगा बिक रहा है। इसके चलते नेपाल से लोगों का आवागमन तेज हो गया है। वहीं कुछ क्षेत्रों में तस्कर भी सक्रिय हो गए हैं। इस बार तस्करी कर पेट्रोल-डीजल भारत से नेपाल भेजा जा रहा है।
नेपाल में पेट्रोलियम उत्पादों पर भारत से कहीं कम टैक्स रहता है। इस कारण नेपाल के जिलों में भारत की तुलना में पेट्रोल, डीजल, केरोसिन ऑयल, हवाई जहाज में प्रयुक्त होने वाला ईंधन व रसोई गैस कहीं सस्ती मिलती थी। इसीलिए अक्सर नेपाल से तेल के तस्करी की खबरें आती हैं। लेकिन इस समय नेपाल में तेल के दाम भारत से कहीं ज्यादा महंगा है। यही नहीं नेपाल में रसोई गैस के दाम भी आसमान छू रहे हैं। नेपाल की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भारत ही है। नेपाल को पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति इंडियन आयल कॉर्पोरेशन करता है। नेपाल में शनिवार को पेट्रोल की कीमत नेपाली मुद्रा में 181 रुपये प्रति लीटर व डीजल 172 रुपये प्रति लीटर थी। वहीं केरोसीन प्रति लीटर 172 रुपये व रसोई गैस 1800 रुपये प्रति सिलिंडर था। भारत में नेपाल की करेंसी भारतीय एक रुपये की तुलना में एक रुपये साठ पैसे के बराबर होने के कारण पेट्रोल व डीजल के दामों में अच्छा खासा अंतर है। इसके चलते भारतीय क्षेत्र से पेट्रोलियम पदार्थों की तस्करी शुरू हो गई है।
यहां बढ़ गई मांग
नेपाल में पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में वृद्धि के बाद जमुनहा, बघौड़ा, सिरसिया व भिनगा के पेट्रोल पंपों में अचानक बिक्री बढ़ गई है। इसके कारण क्षेत्र के जगजीवन प्रसाद बताते हैं कि नेपाल व भारत के मध्य मैत्री संबंध हैं। इसलिए नेपाल के वाहन बिना रोक-टोक के भारतीय क्षेत्र में आते हैं। यहां से वाहनों में पेट्रोल भर कर फिर वापस चले जाते हैं। जबकि रामफेरन का कहना है कि जमुनहा क्षेत्र में नेपाली वाहन कम आते हैं। यहां से जरीकेन में पेट्रोल व डीजल नेपाल की ओर से ले जाया जा रहा है।
किसी तस्करी की जानकारी नहीं
इस तरह की किसी भी तस्करी की जानकारी नहीं है। इसकी जानकारी ली जाएगी। किसी भी पदार्थ की तस्करी नहीं होनी चहिए। यह सुनिश्चित किया जाएगा। -कमलेश चंद्र एडीएम