श्रावस्ती। लोकसभा चुनाव के दौरान एक मतदेय स्थल (बूथ) भी अधिकतम 15 सौ मतदाता ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम कृतिका शर्मा ने दी। वह बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजनीतिक दलों व निर्वाचक व सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रही थी।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक मतदेय स्थल पर वोटरों की संख्या 1300 से 1350 के बीच होनी चाहिए। किसी भी मतदेय स्थल पर मतदान के लिए 1500 से अधिक मतदाता किसी भी हालत में नहीं होने चाहिए। इस लिए ऐसे मतदेय स्थल जहां पर मतदाताओं की संख्या 300 या 500 से कम है, उनका भौतिक सत्यापन कर उन्हें किसी अन्य मतदेय स्थलों के साथ समायोजित किया जाए। साथ ही नए मतदेय स्थल बनाने व वर्तमान मतदेय स्थलों के पुनर्गठन के दौरान भी आयोग के निर्देशों का पूरी सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
डीएम ने कहा कि मतदेय स्थलों के निर्धारण के दौरान इस बात का भी विशेषतौर पर ध्यान रखा जाए कि एक परिवार के सभी सदस्यों एक ही बूथ पर मतदान के लिए पहुंचे। एक भवन में रहने वाले मतदाताओं को उसी भाग में नामांकित किया जाए। कहा कि अत्यधिक पुराने व जर्जर भवन व अस्थाई मतदेय स्थलों को उसी मतदान क्षेत्र में उपलब्ध किसी नए स्थायी भवन में शिफ्ट किया जाए। इस दौरान इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए कि पोलिंग स्टेशन की दूरी दो किलोमीटर से अधिक न हो।
हर मतदान केंद्र पर हो रैंप सुविधा
डीएम ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर मतदान केंद्र पर दिव्यांगजनों और अशक्त मतदाताओं की सुविधा के लिये रैंप अवश्य बनाया जाए। साथ ही किसी भी राजनीतिक दल या मजदूर यूनियन के कार्यालय के 200 मीटर के दायरे में कोई भी मतदेय स्थल न बनाया जाए।
मतदेय स्थलों की सूची का प्रकाशन 8 को
भिनगा व श्रावस्ती विधानसभा क्षेत्र के मतदेय स्थल की सूची का आलेख्य प्रकाशन आठ अगस्त को किया जाएगा। ऐसे में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों से अपेक्षा किया है कि वह आलेख्य प्रकाशित मतदेय स्थलों की सूची में किसी प्रकार का कोई सुझाव देना है तो संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व उपजिलाधिकारी भिनगा या इकौना को 12 अगस्त तक उपलब्ध करा सकते हैं।