- आठ माह में टीबी मुक्त हुए 479 मरीज, 1,115 का हो रहा उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। सरकार की अपील के बाद भी निजी अस्पताल, चिकित्सक व जनप्रतिनिधि टीबी मरीजों को गोद लेने में रुचि नहीं ले रहे हैं। वर्तमान में जिले में 1,115 टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। जबकि विगत आठ माह में 479 लोग स्वस्थ हो चुके हैं।
केंद्र सरकार ने देश को 2025 तक टीबी मुक्त करने का संकल्प लिया है। इसके लिए प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान भी चलाया जा रहा है। सरकार की ओर से जनप्रतिनिधियों, निजी चिकित्सकों व अस्पतालों, व्यापारियों, अधिकारियों व कर्मचारियों सहित सामाजिक कार्यकर्ताओं से टीवी मरीजों को गोद लेने की अपील की गई है। वहीं निजी अस्पतालों को टीबी मरीजों को गोद न लेने पर उनका लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी भी दी गई थी, जो जिले में बेअसर है। एक तरफ जहां निजी चिकित्सक व अस्पताल सहित जनप्रतिनिधि टीबी मरीजों को गोद लेने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अधिकारी भी इसके प्रति गंभीर नहीं हैं। जिले में 1,593 टीबी मरीज पंजीकृत कर उनका इलाज शुरू किया गया था। इनमें से 479 स्वस्थ हो चुके हैं। जबकि 1,115 का इलाज किया जा रहा है।
इन्होंने लिया गोद
डीएम ने तीन, सीडीओ ने दो, सीएमओ ने चार, डीटीओ ने आठ, विभिन्न सरकारी चिकित्सकों ने 31, तीन एनजीओ ने 57, सरकारी कर्मचारियों ने 42, दो व्यापारियों ने बीस, उद्योग व्यापार संगठन ने 25, सोशल वर्कर ने छह तथा एक निजी चिकित्सक ने पांच टीबी मरीजों को गोद लिया है। जबकि किसी भी जनप्रतिनिधि अथवा अस्पताल की ओर से किसी मरीज को गोद नहीं लिया गया है।
लेते गोद तो बढ़ता आत्मबल
गोद लेने से मरीजों का आत्मबल बढ़ता है। उन्हें लगता है कि समाज के लोग उनके साथ हैं। वहीं गोद लेने वाले उन्हें पोषण सहायता के साथ ही इलाज व खानपान में मदद भी करते हैं। -डाॅ. केके वर्मा, डीटीओ