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बाढ़ नहीं, अतिक्रमण से भिनगा में भरा पानी

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जलभराव के कारण शिकारी चौड़ा के मजरा बिचाई पुरवा मे छतों पर बैठे ग्रामीण - फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। भिनगा जिला मुख्यालय राप्ती नदी की बाढ़ की चपेट में नहीं है, लेकिन सरकारी कार्यालय व नगर में तीन से चार फिट तक पानी भरा है। यह स्थिति जंगल की ओर से आने वाला बारिश के पानी के चलते उत्पन्न हुई है। इस जलभराव का मुख्य कारण आठ वर्ष के अंदर किए गए अतिक्रमण हैं।
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वर्ष 2014 में भी बाढ़ की स्थिति भयावह थी। परसा तिलकपुर तटबंध इस बाढ़ में टूट गया था। जिसके चलते राप्ती का पानी भिनगा नगर में प्रवेश कर गया था। उस समय नगर के अंदर डेढ़ से दो फिट पानी था। लेकिन 24 घंटे के अंदर यह पानी परंपरागत ड्रेनेज सिस्टम से पुन: बूढ़ी राप्ती होते हुए राप्ती में चला गया था। लेकिन इस वर्ष राप्ती की बाढ़ का पानी नगर की ओर नहीं आई। इसके बावजूद पूरा नगर बरसात व जंगल की ओर से आए पानी के कारण जलमग्न है। केशवनगर, खैरी व कलेक्ट्रेट में ढाई से तीन फिट पानी भरा हुआ है। सबसे ज्यादा भयावह स्थिति कलेक्ट्रेट व पुलिस लाइन की है। यहां पानी 48 घंटे से भरा हुआ है। पुलिस लाइन की स्थिति भी कुछ ऐसी है। इन सब का कारण भिनगा नगर के ड्रेनेज रास्ते पर अतिक्रमण के साथ-साथ मुख्य नाला व नालियों की सफाई बरसात पूर्व न होना था।
जंगल से आने वाला पानी जो कलेक्ट्रेट व पुलिस लाइन को प्रभावित करता है। इससे पहले बारिश का पानी केशव नगर से होकर डॉ. अनूप सिंह के बगल से होते हुए बूढ़ी राप्ती में जाता था, लेकिन इस रास्ते पर अतिक्रमण है। जो कभी पांच से छह फिट चौड़ा जल मार्ग होता था। वह आज पतली नाली में बदल चुका है। इसी के ठीक आगे जायसवाल के घर के पास से एक नाला बना था। जिसका पानी यहां से निकल कर विद्युत उपकेंद्र भिनगा से होते हुए राप्ती नदी में मिल जाता था। इससे भी जो पानी बचता था वह कलेक्ट्रेट, कलेक्ट्रेट कॉलोनी, पुलिस लाइन के सामने से होकर सीधे बूढ़ी राप्ती में जाता था। लेकिन इस रास्ते पर बने एक पेट्रोल पंप व कुछ अन्य लोगों द्वारा सड़क किनारे मिट्टी पाट दी गई। जिसके चलते पुलिस लाइन में भयावह स्थिति बन गई थी। गुरुवार को जिला प्रशासन ने इसके अतिक्रमण को हटा कर नाला बनाया तब पुलिस लाइन व कलेक्ट्रेट का पानी तो निकला, लेकिन अभी भी स्थिति इन कार्यालयों की ठीक नहीं है।
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