श्रावस्ती। सड़क हादसे रोकने के लिए जल्दी नए सिरे से ब्लैक स्पाट चिह्नित किए जाएंगे। यह फैसला मंगलवार को डीएम कृतिका शर्मा की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हुआ। डीएम ने मार्ग दुर्घटना वाले ब्लैक स्पॉट को चिन्हित करने के साथ ही कम उम्र के बच्चों के वाहन चलाने पर प्रभावी स्तर से रोक लगाने का निर्देश भी पुलिस व परिवहन विभाग के जिम्मेदारों को दिया।
यातायात सुरक्षा सप्ताह संचालित होने के बाद भी जिले में सड़क हादसे कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीते तीन माह के दौरान केवल संयुक्त जिला चिकित्सालय में ही सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए 161 लोग इलाज के लिए भर्ती हुए हैं। इसी प्रकार गिलौला सीएचसी में अप्रैल से लेकर अब तक कुल 89 व मल्हीपुर में 57 लोग सड़क हादसों में घायल होकर अस्पताल पहुंचे। इसमें से कई की इलाज के दौरान मौत भी हो गई। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में इस पर गंभीर चिंता जताई गई।
बैठक में दुर्घटना आशंकित ब्लैक स्पाट क्षेत्रों को नए सिरे से चिह्नित किए जाने के साथ ही शहर के प्रमुख मार्ग पर सड़क सुरक्षा से जुड़े संकेतक लगवाने, स्पीड ब्रेकर बनवाने, रिफ्लेक्टिंग, रम्बलिंग स्ट्रिप बनाने तथा मार्गों के मोड़ पर डिवाइडर व सड़क के किनारे पेड़ों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाने का निर्देश भी संबंधित विभाग को दिया गया।
शासी निकाय (आत्मा) की बैठक संपन्न
श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार डीएम कृतिका शर्मा की अध्यक्षता में शासी निकाय (आत्मा) की बैठक हुई। इसमें वर्तमान वित्तीय वर्ष में कराए जाने वाले कार्यों के प्रस्ताव को अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया गया।
इस दौरान डीएम ने कृषक उत्पादक संगठन के उत्पाद को उचित मूल्य पर निर्यात के लिए बढ़ावा देने तथा कृषक उत्पादक संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने के लिए मासिक बैठक करने का निर्देश दिया। उप कृषि निदेशक कमल कटियार ने आत्मा योजना के तहत आयोजित होने वाले कृषि मेले, फसल प्रदर्शन, कृषक प्रशिक्षण, प्रचार के बारे में जानकारी दी। संवाद