भिनगा के एक मैरिज लॉन में आयोजित कथा में आरती करते यजमान
श्रावस्ती। दीप वाटिका मैरिज लॉन भिनगा में सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा का वर्णन किया गया। पंचवटी श्री सीताराम आश्रम के संत रविशंकर गुरुभाई ने नंदी महाराज के जन्मोत्सव का भावपूर्ण वर्णन किया। प्रवाचक संत रविशंकर महाराज ने बताया कि द्वादश ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के दिव्य स्वरूप हैं। इनके दर्शन, पूजन और स्मरण से मनुष्य के पापों का नाश होता है। इससे जीवन में सुख-शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग खुलता है। उन्होंने नंदी महाराज को निष्ठा, धैर्य और अटल समर्पण का प्रतीक बताया। नंदी केवल शिव के वाहन नहीं, बल्कि आदर्श भक्त और सेवा के प्रतीक भी हैं। कथा के बाद नंदी जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन, पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ रुद्राभिषेक किया।