जमुनहा के बदला क्षेत्र में हुई ओला वृश्टि व भिनगा में हुई रिमझिम बरसात
श्रावस्ती। तराई में मौसम का मिजाज शुक्रवार को अचानक बदल गया। गरज चमक के साथ जहां जमुनहा के बदला क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई। वहीं जिले के अन्य हिस्सों में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं गरज चमक के साथ रिमझिम बरसात हुई। वहीं मौसम विभाग की ओर से अगले तीन दिनों तक ओलावृष्टि, आंधी व गरज चमक के साथ बरसात की चेतावनी जारी की गई है। जिसे देख किसानों के चेहरों की हवाइयां उड़ने लगी है। हालांकि इस बरसात का अब तक फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। जिले में सरसों व मसूर सहित मटर की फसल लगभग तैयार हो चुकी है। वहीं खेतों में लगी गेहूं में भी बाली आ चुकी है। जबकि अरहर की फसल में भी फूल आ चुके हैं। इतना ही नहीं बागों में लगे आम के पेड़ बौर से ढक गए हैं। ऐसे में शुक्रवार को गरज चमक के साथ जहां जमुनहा के बदला क्षेत्र में आसपास के गांवों में ओलावृष्टि हुई। वहीं सिरसिया, जमुनहा, भिनगा, हरिहरपुररानी, गिलौला व इकौना क्षेत्र में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं रिमझिम बरसात ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
बदला क्षेत्र में चने के समान हुई ओलावृष्टि से फिलहाल फसलों को कोई खास नुकसान नहीं हुआ। लेकिन जिन किसानों की सरसों की फसल पक कर तैयार थी। उन्हें आंशिक नुकसान पहुंचा। रिमझिम बरसात व बूंदाबांदी के कारण जिन किसानों ने सरसों व मसूर की फसल काट ली थी। उनकी मड़ाई का काम बाधित हो गया है।
बेमौसम हुई यह बरसात गेहूं सहित अन्य फसलों के लिए फायदेमंद बताई जा रही है। जबकि आम की फसल के लिए आंशिक नुकसान बताया जा रहा है। हालांकि मौसम विभाग की ओर से अगले तीन दिनों तक ओलावृष्टि, आंधी व गरज चमक के साथ बरसात की चेतावनी जारी की गई है। जिसे देख किसानों के चेहरों की हवाइयां उड़ने लगी हैं। किसानों का मानना है कि यदि ऐसा हुआ तो उनकी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी।
एहतियात बरतें किसान
जिन किसानों ने अब तक सरसों व मसूर की फसल नहीं काटा है वह सोमवार तक मौसम के सामान्य होने का इंतजार करें। जिन किसानों ने फसल काट ली है वह संभव हो तो तत्काल मड़ाई कर लें। अथवा उसे सुरक्षित कर दें। बदला क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि की जांच कराई जाएगी। जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है। उन्हें क्षतिपूर्ति दिलाई जाएगी। -डाॅ. अवधेश कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी