श्रावस्ती। घर बैठे फर्जी शिकायतों पर लगाम लगाने के लिए अब एक मोबाइल नंबर से कोई भी माह में दस से अधिक आॅनलाइन शिकायतें नहीं करवा सकेगा। वहीं शिकायत निस्तारण में डिफॉल्ट होने वाले विभागाध्यक्षों पर कार्रवाई भी होगी। इसके लिए डीएम ने विभागाध्यक्षों को दिशा-निर्देश जारी किया है।
अधिकारियों को जारी निर्देश में डीएम कृतिका शर्मा ने कहा है कि अधिकारी शिकायतों का निस्तारण तय समय सीमा में करें। साथ ही आवेदकों की संतुष्टि का भी विशेष ध्यान रखें। आईजीआरएस प्रणाली में अब कोई भी शिकायतकर्ता एक मोबाइल नंबर से एक माह में 10 से अधिक शिकायत दर्ज नहीं करा सकेगा। ऑनलाइन संदर्भ में विभाग व कार्यालय से संबंधित नहीं चिह्नित कर निस्तारण किया गया हो, तो वह फीडबैक प्राप्त नही किए जाएंगे।
इन संदर्भों को चिह्नित करने की सुविधा संबंधित निस्तारणकर्ता अधिकारी को पोर्टल में आख्या भरते समय ड्रॉपडाउन में उपलब्ध कराई जाएगी। लेबल वन अधिकारी द्वारा निषेधित विषयों का फ्लैग चयनित कर आख्या अपलोड करने पर उसकी आख्या अनुमोदन के लिए एल-2 अधिकारी को प्राप्त होगी। एल-2 अधिकारी अनुमोदित किए जाने पर वह प्रकरण निस्तारित माना जाएगा। इन संदर्भों को एल-2 अधिकारी के स्तर से स्पेशल क्लोज संदर्भ माना जाएगा। जिसकी समय सीमा के अंदर आख्या अपलोड करनी होगी। डिफाल्टर विभागाध्यक्षों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।