श्रावस्ती। शहर में कराए जाने वाले विकास कार्यों पर एमएलसी व सांसद की उदासीनता भारी पड़ रही है। जिले के विकास को लेकर क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में अपनी विधायक निधि की एक पाई अभी तक क्षेत्र के विकास पर खर्च नहीं की है। इसी तरह क्षेत्रीय सांसद भी विकास कार्य के लिए मिली सांसद निधि से चार साल के दौरान अब तक महज 50.99 लाख रुपये ही खर्च कर पाए हैं। इससे सोलर लाइट लगवाने व अस्पताल में गैस पाइप बिछाने भर का कार्य हुआ।
श्रावस्ती नीति आयोग की दृष्टि में अति पिछड़ा जिला है। यहां संसाधनों का अभाव तो है ही साथ ही रोजगार, शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रगति काफी कम है। यहां विकास के लिए विभागों को सरकार की ओर से मिलने वाले अनुदान के साथ ही जन प्रतिनिधियों को निधि के तौर पर अलग से बजट प्राप्त होता है।
जिले में दो विधानसभा व आंशिक लोकसभा के साथ ही आंशिक विधान परिषद क्षेत्र है। लोकसभा में बलरामपुर की तीन विधानसभा क्षेत्र व श्रावस्ती की दो विधानसभा क्षेत्र है। यही स्थिति विधान परिषद की भी है। विधान परिषद में बहराइच व श्रावस्ती संयुक्त रूप से है। इसके बावजूद विकास कार्यों के नाम पर क्षेत्रवासियों को सिर्फ उपेक्षा ही मिलती है।
बहराइच श्रावस्ती विधानमंडल क्षेत्र से भाजपा की डा. प्रज्ञा त्रिपाठी विधान परिषद सदस्य हैं। पेशे से चिकित्सक डॉ. त्रिपाठी की कर्मस्थली बहराइच है। कार्यकाल के पहले साल में विधायक निधि से मिले करीब तीन करोड़ रुपये की राशि से केवल बहराइच में ही विकास कार्य कराए गए। जबकि इनकी ज्यादा दरकार श्रावस्ती को थी। वहीं दूसरे साल के कार्यकाल में अभी तक उनका कोई भी प्रस्ताव श्रावस्ती में कार्य कराने के लिए प्राप्त नहीं हुआ है।
मेरा कार्य स्थल बहराइच है। बहराइच बड़ा जिला भी है। इसलिए वहां से विकास कार्य कराने के प्रार्थना पत्र ज्यादा आने के कारण ही आवंटित निधि का अधिक हिस्सा बहराईच में खर्च हो गया। आगे श्रावस्ती में विकास कार्य कराने पर को भी प्राथमिकता पर रखा जाएगा।
- डा. प्रज्ञा त्रिपाठी एमएलसी