श्रावस्ती। जेठ की दोपहरी में अब तराई की धरती भी तपने लगी है। तपती दोपहरी की तपन का एहसास देर शाम तक लोगों को परेशान करता रहा। दिन का पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से आसमान से आग बरसती महसूस हुई। सूरज की तपिश व उमस भरी गर्मी से सोमवार को सभी परेशान बेहाल रहे। इस दौरान सूखे जलाशय व खराब हैंडपंपों के कारण हो रही पेयजल की किल्लत ने लोगों की परेशानी को कई गुना बढ़ाया।
सूरज की शरीर झुलसाती धूप के साथ ही गर्म पछुआ हवाओं के कारण लोग दिन भर घरों से बाहर निकलने से गुरेज बरतते दिखे। इस कारण दोपहर में शहर की प्रमुख सड़कें व गलियां सन्नाटे में नजर आई। चढ़ते पारे के साथ ही बढ़ी बिजली की खपत के कारण शुरू हुई अघोषित बिजली कटौती ने भी भीषण गर्मी में लोगों की परेशानी को बढ़ाए रखा।
मौसम वैज्ञानिक डा. विनय कुमार ने बताया कि फिलहाल गर्मी का प्रकोप अभी लोगों को सताएगा। आने वाले दिनों में दिन के साथ ही रात के तापमान भी बढ़ोत्तरी हो सकती है। ऐसे में लोगों को हीट स्ट्रोक से बचने के लिए जरूरी एहतियात बरतना चाहिए। संवाद