गंध कुटी पर पारंपरिक तरीके से दर्शन-पूजन के लिए मौजूद कंबोडिया के अनुयायी।
- फोटो : गंध कुटी पर पारंपरिक तरीके से दर्शन-पूजन के लिए मौजूद कंबोडिया के अनुयायी।
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती मंगलवार को कंबोडिया से आए अनुयायियों के 50 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में गंध कुटी पर पारंपरिक तरीके से दर्शन-पूजन किया। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया। इसमें भिक्षु देवानंद ने कहा कि भगवान बुद्ध ने कहा था कि बाहरी सुखों से हमें शांति नहीं मिलती है। इसके लिए आंतरिक सुखों की जरूरत होती है। इसीलिए उन्होंने राजपाठ त्यागकर ज्ञान प्राप्ति के लिए कई साल तक तपस्या की। वहीं, आत्म शांति के लिए ध्यान को अपनाया। विपश्यना ध्यान को भगवान बुद्ध ने ही खोज निकाला था, जिसे करने से हमें आंतरिक शांति मिलती है। बौद्ध सभा के बाद सभी अनुयायियों ने तपोस्थली के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया और उनके इतिहास की जानकारी ली।