श्रावस्ती। थाना क्षेत्र सोनवा निवासी किशोरी की दुष्कर्म के बाद गला काटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पंद्रह वर्ष बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास व डेढ़ लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। तीनों को पुलिस अभिरक्षा में जिला कारागार बहराइच भेज दिया गया।
मामले में अभियोजन पक्ष की पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सत्येंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि सोनवा थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने आठ अप्रैल 2007 को थाने में तहरीर दी थी। तहरीर के जरिए उसका आरोप था कि उसकी चौदह वर्षीय पुत्री से गांव के ही बहोरी वर्मा, ढलई व मुन्नूराम अक्सर स्कूल जाते समय रास्ते में छेड़खानी करते थे। सात अप्रैल 2007 को उसकी पुत्री घर से बाहर निकली थी। कुछ देर बाद उसके घर न लौटने पर तलाश शुरू की। पूरी रात तलाश के बाद भी वह नहीं मिली।
दूसरे दिन सुबह गांव निवासी राम पदारथ के खेत में उसकी लाश मिली थी। गला कटा हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी के साथ में बलात्कार की पुष्टि भी हुई थी। इस मामले की विवेचना कर सोनवा पुलिस ने चार्जशीट न्यायालय भेजी थी। विचारण के बाद गुरुवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय अजय सिंह ने तीनों आरोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व हर आरोपी को 50-50 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित भी किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पंकज गुप्ता ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त चाकू ढलई उर्फ रामनिवास के पास से बरामद हुआ था। उसे एक वर्ष अतिरिक्त कारावास व पांच हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया गया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में सभी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। तीनों आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में जिला कारागार बहराइच भेज दिया गया।