श्रावस्ती। जिले को कुष्ठ रोग से मुक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चार जनवरी तक सघन कुष्ठ रोगी खोज अभियान चलाया गया। इस दौरान ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर जाकर संभावित लक्षणों वाले कुष्ठ रोगियों को चिन्हित किया जिनका इलाज शुरू किया गया है।
जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. संत कुमार ने बताया कि इस अभियान के लिए जिले में 1310 टीमें लगाई गई थी। इन टीमों ने कुष्ठ रोग से मिलते जुलते लक्षण वाले 304 लोगों को चिन्हित किया। जांच के बाद 14 लोग कुष्ठ रोग से ग्रसित मिले।
उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग का इलाज संभव है। वहीं जिला कुष्ठ परामर्शदाता डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि शरीर पर हल्के अथवा तांबई रंग के चकत्ते हों और उनमें सुन्नपन हो तो यह कुष्ठ हो सकता है। सीएमओ डा. एपी सिंह ने बताया कि कुष्ठ रोग भी अन्य बीमारियों की तरह है। इसकी जांच व इलाज की सुविधा स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है।