श्रावस्ती। सिरसिया के लौहनिया गांव स्थित एक भुसैले में बुधवार अज्ञात कारणों से उठी चिंगारी ने तीस घरों को अपनी आगोश में ले लिया। आग से घरों में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। अग्निशमन कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू किया।
सिरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम लौहनिया निवासी मालिकराम का गांव के पश्चिम स्थित अहाते में भूसा व पुआल रखा था। बुधवार सुबह अज्ञात कारणों से वहां आग लग गई। जब तक ग्रामीणों को जानकारी होती, तेज हवा से लपटों ने गुरुचरन, किशुनलाल, श्रवण कुमार, अक्षयवर, राजमन, जानकी, कन्हईलाल, रामबहोरे, माता प्रसाद, भदई, चिल्हुर, बाबादीन, राम कुमार, तालिब अली, श्यामता प्रसाद, पंकज यादव, ननके, बदलूराम, गजराज, रामसुंदर, पुरुषोत्म मौर्य गुरुचरन मौर्य, शहजाद अली, भगई लाल व सूबेदार सहित तीस घरों को अपनी चपेट में ले लिया।
ग्रामीणों की सूचना पर दो घंटे बाद पहुंचे दमकल कर्मियों ने ग्रामीणो के सहयोग से आग पर काबू पाया। अग्रिकांड से घरों में रखा सारा सामान जल गया। घटना के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। अग्रिकांड के दौरान ग्रामीणों ने बच्चों को गांव के प्राथमिक विद्यालय में सुरक्षित कराया।
आग में जला सपना, बेटी का हाथ कैसे होगा पीला
लौहनिया निवासी जानकी प्रसाद ने अपनी पुत्री का विवाह भिनगा कोतवाली क्षेत्र के नव्वा गांव में तय कर रखा है। जहां से 28 मई को बरात आनी है। बेटी के शादी के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। बुधवार को लगी आग में जानकी प्रसाद का सपना जल कर राख हो गया। आग में जले जेवर व नगदी को देख कर अब उसे अपनी बेटी का हाथ पीला करने की चिंता सताने लगी है।