श्रावस्ती। भिनगा में 50 शैया का एकीकृत आयुष चिकित्सालय का निर्माण कराया जा रहा है। जिसके लिए पहले चरण का कार्य लगभग पूरा हो रहा है। इसके निर्माण के बाद जहां लोगों को आयुर्वेद की दवाओं का लाभ मिलेगा। वहीं जिले में मौजूद जड़ी बूटियों की जानकारी के बाद लोग स्थानीय स्तर पर भी इसका उपयोग कर असाध्य रोगों से भी निजात पा सकेंगे।
भिनगा में ट्रांजिट हॉस्टल व ड्रग वेयर हाउस के मध्य करीब पांच बीघा भूमि में 50 शैय्या का एकीकृत आयुष चिकित्सालय का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए शासन की ओर से साढ़े आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह कार्य मार्च 2024 में पूरा कराया जाना है। एकीकृत आयुष चिकित्सालय निर्माण के लिए पहले चरण में 1.83 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके निर्माण की जिम्मेदारी यूपीपीसीएल को सौंपी गई है।
कार्यदायी संस्था की ओर से बाउंड्रीवाल निर्माण का काम पूरा कर अब प्लास्टर कराया जा रहा है। जबकि फाउंडेशन स्तर का कार्य किया जा चुका है। मौजूदा समय प्लेंथ लेवल पर कार्य किया जा रहा है। इसका निर्माण पूरा होने के साथ ही जहां जिलेवासियों को आयुर्वेद का समुचित लाभ मिलेगा। वहीं जिले में प्राकृतिक रूप से मौजूद जड़ी बूटियों के बारे में जानकारी कर लोग इसका सेवन कर असाध्य रोगों से भी मुक्ति पा सकेंगे।
जिले में आयुर्वेदिक अस्पताल संचालित
जिले में 14 आयुर्वेदिक चिकित्सालय संचालित हैं। जिसके लिए 10 चिकित्सक व 14 फार्मासिस्ट सहित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की तैनाती है। इनमें से कटरा, जमुनहा, तुलसीपुर व सेमरी तरहर में चिकित्सक की तैनाती नहीं है। इन चिकित्सकों में चेतिया मुरार, लक्ष्मण नगर व जौगढ़ में तैनात चिकित्सक एमडी हैं। जिले में आठ चिकित्सालय अपने भवन में संचालित हो रहे हैं। जबकि एक पीएचसी में संचालित किया जा रहा है। वहीं भिनगा सहित पांच चिकित्सालय किराए के मकान में संचालित हो रहे हैं। वहीं एक यूनानी चिकित्सालय जमुनहा के श्रीनगर सागर गांव में संचालित किया जा रहा हैं। जहां तैनात चिकित्सक के स्थानांतरण के बाद किसी और की तैनाती न होने से यह अस्पताल फार्मासिस्ट के सहारे संचालित हो रहा है।
यह जड़ी बूटियां हैं मौजूद
जिले के जंगलों में आंवला, हर्र, बहेर, सतावर, सफेद मूसली, बेल, गिलोय, नीम, अश्वगंधा, नागबोय, तुलसी, सहजन, कंज, अर्जुन सहित कई दुर्लभ जड़ी बूटियां मौजूद हैं। जिसे लोग पहचानते भी हैं। लेकिन जानकारी के अभाव में उसका सेवन कर लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
सुविधाओं को पूरा करने के लिए शासन को लिखा पत्र
भिनगा में 50 शैया एकीकृत आयुष चिकित्सालय निर्माण पूरा होने के बाद लोगों को आयुष की सभी सुविधाएं मिलने लगेंगी। कुछ चिकित्सकों की कमी है। जिसे पूरा करने के लिए शासन के पत्र लिखा जा चुका है। उम्मीद है जल्द ही चिकित्सकों की तैनाती हो जाएगी। -डॉ. अशोक पांडे गुलशन प्रभारी जिला आयुर्वेद व यूनानी चिकित्साधिकारी