- अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट से मिली राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। दहेज हत्या से जुड़े एक मामले में अपर सत्र न्यायाधीश अजय सिंह की कोर्ट ने हत्यारोपी पति व सास ससुर को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम राजापुर रानी निवासी अमीरुल निशा की आठ अगस्त 2014 को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था। इस मामले में मृतका के पिता भोला ने घटना के 21 दिन बाद डीएम को शिकायती पत्र देकर ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
डीएम के आदेश पर मृत्यु के 22वें दिन पुलिस ने शव को कब्र से बाहर निकलवा कर उसका पोस्टमार्टम कराया था। मामले में कोतवाली पुलिस ने पति हसीब रजा, सास बिट्टा व ससुर ननकन्ने के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखल की थी। जबकि दो अन्य नामजद भदई व भदई की पत्नी का नाम विवेचना के दौरान मुकदमे से निकाल दिया गया था। मामले का विचारण करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश अजय सिंह ने तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया।
दो जजों के कार्य क्षेत्र में बदलाव
श्रावस्ती। जिले में तैनात रहे अपर सत्र न्यायाधीश चौदहवां वित्त आयोग व त्वरित न्यायालय अजय सिंह को जिले में ही विधिक सेवा प्राधिकरण का सचिव बनाया गया है। जबकि विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रहे रामचंद्र यादव प्रथम को अपर सत्र न्यायाधीश चौदहवां वित्त आयोग व त्वरित न्यायालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संवाद