कटरा। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती रविवार को श्रीलंका के बौद्ध अनुयायियों से गुलजार रही। अनुयायियों ने शनिवार देर शाम दीप पूजा व रविवार को फूलपूजा का आयोजन किया। इस दौरान बौद्ध भिक्षु देवानंद ने अनुयायियों को उपदेश दिया। सभा के दौरान बौद्ध भिक्षु ने कहा कि पूजा व उपासना में दीप व फूल का विशेष महत्व है। इससे जहां एक ओर हमारे ईष्ट प्रशन्न होते हैं वहीं दूसरी ओर हमारा मन भी प्रसन्न होता है। भिक्षु ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पुष्प का उच्च स्थान है। सभा के बाद अनुयायियों ने गंध कुटी की परिक्रमा की और बुद्धम शरणम संघम शरणम गच्छामि धम्मम शरणम गच्छामि का उद्घोष किया।