जेतवन में प्रार्थना करते अनुयायी।- संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती बुधवार को थाईलैंड से आए 40 अनुयायियों से गुलजार रही। सभी ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में पारंपरिक ढंग से बोधि वृक्ष की पूजा-अर्चना की। इस दौरान आयोजित बौद्ध सभा में भिक्षु देवानंद ने कहा कि बोधिसत्व जब दस बलों मुदिता, विमला, दीप्ति, अर्चिष्मती, सुदुर्जया, अभिमुखी, दूरंगमा, अचल, साधुमती व धम्म मेघा को प्राप्त कर लेते हैं, तब वह बुद्ध कहलाते हैं। बुद्ध बनना ही बोधिसत्व के जीवन की पराकाष्ठा है। इस पहचान को बोधि (ज्ञान) नाम दिया गया है। कहा जाता है कि बुद्ध शाक्यमुनि केवल एक भगवान बुद्ध हैं। उनका कहना था कि कोई भी बुद्ध बन सकता है, बौद्ध धर्म का अंतिम लक्ष्य संपूर्ण मानव समाज के दुख का अंत करना है।