गंध कुटी में परिक्रमा करते बौद्ध अनुयायी।
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती बृहस्पतिवार को वियतनाम से आए अनुयायियों के 20 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु भंवरानंद के नेतृत्व में गंधकुटी में पारंपरिक तरीके से फूल पूजा की। इस दौरान आयोजित बौद्ध सभा में भिक्षु ने कहा कि भगवान बुद्ध ने हमेशा सत्य और अहिंसा का पाठ पढ़ाया। ज्ञान प्राप्ति के लिए उन्होंने राजसी जीवन का त्याग कर दिया था और ज्ञान प्राप्ति के लिए तपस्या की। उन्होंने कई देशों की यात्राएं की और लोगों को बताया कि दुख है, दुख का कारण है, दुख का निरोध है और दुख के निरोध का मार्ग है। अज्ञानता और दुख से मुक्ति पाने के लिए अष्टांगिक मार्ग का अनुसरण करने की सीख दी।