श्रावस्ती। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती में रविवार को वियतनाम और श्रीलंका के बौद्ध अनुयायियों ने बोधि वृक्ष की पूजा-अर्चना की। बौद्ध भिक्षु देवानंद की अध्यक्षता में आयोजित सभा में उन्होंने बुद्ध के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। भिक्षु देवानंद ने कहा कि बुद्ध की शक्ति आध्यात्मिक ज्ञान, ध्यान और आत्म-अनुशासन से उत्पन्न होती है। उनकी शिक्षाओं में विवेक, प्रज्ञा और करुणा का विशेष महत्व है। बुद्ध ने ज्ञान के माध्यम से अज्ञानता दूर कर लोगों को सत्य का मार्ग दिखाया। उनकी प्रज्ञा लोगों के संदेह दूर करने और सत्य-असत्य में भेद करने में सहायक थी। पूजन के बाद अनुयायियों ने जेतवन परिसर का भ्रमण किया और इस ऐतिहासिक स्थल से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं।