गंध कुटी में प्रार्थना करते बौद्ध अनुयायी।
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती मंगलवार को श्रीलंका से आए 30 सदस्यीय दल से गुलजार रही। बौद्ध भिक्षु दीपालोक महाथेरो के नेतृत्व में सभी अनुयायियों ने बोधि वृक्ष का दर्शन-पूजन किया। इस दौरान बौद्ध सभा का आयोजन भी हुआ। सभा में भिक्षु ने बुद्ध के खेती संबंधी उपदेश की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि एक किसान ने बुद्ध से कहा कि वे भी उसकी तरह हल जोतकर खाएं। बुद्ध ने उत्तर दिया कि वे भी खेती करते हैं। उनके अनुसार श्रद्धा बीज, तपस्या वर्षा, प्रज्ञा हल-जोत, स्मृति और जागरूकता हल की फाल तथा विचार रस्सी है। वे वचन-कर्म में संयम रखते और अपनी खेती को पाप व बुराइयों की बेकार घास से मुक्त रखते हैं।