गंध कुटी में प्रार्थना करते अनुयायी।
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती बुधवार को श्रीलंका से आए 108 सदस्यीय अनुयायियों के दल से गुलजार रही। बौद्ध भिक्षु सुमेधा थेरो के नेतृत्व में अनुयायियों ने पारंपरिक तरीके से गंध कुटी में फूल पूजा की। इसके बाद बौद्ध सभा आयोजित हुई। भिक्षु ने कहा कि सच्चा ज्ञान संसार के दुखों का निवारण खोजने और उस पर आचरण करने में है। उन्होंने चार आर्य सत्यों-संसार में दुख, दुख का कारण, उसके निवारण और मध्यम मार्ग—की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यम मार्ग संतुलित जीवन व सम्यक आचरण की शिक्षा देता है, जिसके आठ अंग हैं। सभा के बाद दल ने संघाराम बुद्ध विहार, राहुल कुटी, संघमित्रा कुटी, आनंद कुटी, सूर्यकुंड, कच्ची कुटी और पक्की कुटी का भ्रमण कर इतिहास जाना।