गंध कुटी की परिक्रमा करते बौद्ध अनुयायी।
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती मंगलवार को श्रीलंका से आए 60 बौद्ध अनुयायियों के दल से गुलजार रही। सभी अनुयायियों ने भिक्षु दीपालोक के नेतृत्व में भगवान बुद्ध की मूर्ति लेकर पारंपरिक परिक्रमा की। इस दौरान एक बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया। सभा में भिक्षु दीपालोक ने धैर्य के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि पानी की तलाश में एक युवक ने कई गड्ढे खोदे, पर धैर्य न रखने से उसे पानी नहीं मिला। भिक्षु ने कहा कि धैर्य से एक ही गड्ढा खोदने पर पानी मिल जाता। बौद्ध सभा के बाद अनुयायियों ने शिवली स्तूप, कौशांबी कुटी और संघारंभ बुद्ध विहार का भ्रमण किया। उन्होंने संघमित्रा कुटी और राहुल कुटी सहित अन्य स्थलों के इतिहास की भी जानकारी ली।