बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में गंधकुटी में की गई फूल पूजा।
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती बृहस्पतिवार को श्रीलंका से आए अनुयायियों के 70 व म्यांमार के 20 अनुयायियों से गुलजार रही। सभी अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु दीपालोक महाथेरो के नेतृत्व में पारंपरिक तरीके से गंधकुटी में फूल पूजा की। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया। बौद्ध सभा के दौरान भिक्षु ने कहा कि बुद्ध राजगृह के बाहर वेलुवन में निवास करते थे। वे सैकड़ों भिक्षुओं के साथ बांस के उपवन में रहते थे। उस समय राजा बिम्बिसार उस क्षेत्र पर शासन करते थे। वे बुद्ध के महान भक्तों में से एक थे। राजा ने अपनी प्रजा को भी बुद्ध की शिक्षाओं का पालन करने के लिए प्रेरित किया था। साथ ही उन्होंने सभी को करुणा, क्षमा, दया आदि का पाठ पढ़ाया।