बौद्ध तपोस्थली स्थित गंध कुटी में की गई फूल पूजा।
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती शनिवार को श्रीलंका के 200 और मलेशिया के 35 अनुयायियों के दल से गुलजार रही। सभी ने बौद्ध भिक्षु दीपालोक महाथेरो के नेतृत्व में पारंपरिक विधि से गंधकुटी में फूल पूजा की। इसके बाद आयोजित बौद्ध सभा में भिक्षु महाथेरो ने भगवान बुद्ध से जुड़ी कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि बुद्ध राजगृह के बाहर वेलुवन में सैकड़ों भिक्षुओं के साथ निवास करते थे। उस समय क्षेत्र पर राजा बिम्बिसार का शासन था। राजा अपनी प्रजा को भी बुद्ध की शिक्षाओं के अभ्यास के लिए प्रेरित करते थे।