गंध कुटी में प्रार्थना करते बौद्ध अनुयायी।
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती मंगलवार को मैनपुरी और इटावा से आए अनुयायियों के 60 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु भंवरानंद के नेतृत्व पारंपरिक तरीके से अंगुलिमाल गुफा व बोधिवृक्ष का दर्शन-पूजन किया। बौद्ध सभा में भिक्षु भंवरानंद ने बताया कि मनुष्य को क्रोध से सजा मिलती है, क्रोध की सजा नहीं मिलती है। उन्होंने अनुयायियों को अपने लक्ष्य से ज्यादा अपनी यात्रा पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने बताया इटावा व मैनपुरी से आया दल बुद्ध के सिद्धांतों का पालन करने और उनके जीवन से प्रेरणा लेने के लिए यहां आया था। इस दौरान शाक्य वंश के बौद्ध चौबे लाल, मुन्नालाल, सुरेश चंद्र और सुभाष शाक्य सहित कई अनुयायी मौजूद रहे। पूजन के बाद अनुयायियों ने श्रावस्ती के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों गंध कुटी, राहुल कुटी, संघा बुद्ध विहार, कच्ची कुटी-पक्की कुटी आदि का भ्रमण कर उनके इतिहास की जानकारी ली।