श्रावस्ती। जिला पुनर्वास केंद्र की समीक्षा बैठक बुधवार कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता डीएम ने की। इस मौके पर पुनर्वास केंद्र की आय के साथ सुविधाएं बढ़ाने को कहा गया। इसके साथ ही कान की जांच के लिए मंडल का पहला बेरा जांच सेंटर खोलने को कहा गया है। इस सेंटर में जल्द ही दिव्यांग व वरिष्ठ लोगों को सुविधा देने के लिए क्षेत्रीय पुनर्वास केंद्र खोला जाएगा।
दिव्यांगों व वरिष्ठजनों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं देने के लिए संयुक्त जिला अस्पताल में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र संचालित है। यहां सर्वाइकल से लेकर सभी प्रकार की फीजियोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध है। अभी हाल ही में यहां ज्वाइंट पेन से निजात दिलाने के लिए मोम थेरेपी भी प्रारंभ की गई है। इस केंद्र के कार्यों की बुधवार को डीएम कृतिका शर्मा ने समीक्षा की।
इस दौरान पाया गया कि यहां थेरेपी के लिए कम लोग पहुंच रहे हैं। इसके पीछे लोगों को जानकारी न होने कारण बताया गया। इसलिए वे इलाज के लिए गैर जिले में जा रहे है। जबकि यहां अन्य स्थानों की तुलना में थेरेपी का शुल्क बहुत कम है। इसपर डीएम ने जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के कार्यों के प्रचार-प्रसार का आदेश दिया है। वहीं, गांव स्तर पर भी कैंप लगाकर लोगों को सभी सुविधाएं देने को कहा।
इस मौके पर बधिरों के कान की जांच के लिए बेरा मशीन लगाने पर भी विचार किया गया। अभी तक पूरे देवीपाटन मंडल में कान की जांच की मशीन नहीं है। इसलिए यहां के लोगों को बधिर होने का प्रमाणपत्र लेने के लिए मेडिकल काॅलेज लखनऊ जाना पड़ता है। वहां पर इस समय एक वर्ष की वेटिंग चल रही है। इस मौके पर रेडक्रॉस सचिव ने बताया कि एल्मिको यहां पर अपना क्षेत्रीय पुनर्वास केंद्र खोल रहा है। जहां दिव्यांगों को मौके पर ही सभी सुविधाएं मिलेंगी। इस मौके पर जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी अभिषेक उपाध्याय सहित अन्य मौजूद रहे।