श्रावस्ती। जिले में अग्निकांड की घटनाओं में विराम लगाने के लिए जल्द ही भिनगा पर निर्भरता घटेगी। इसके लिए जहां गोंडारी में अग्निशमन केंद्र बनवाया जा रहा है। वहीं इकौना व जमुनहा में भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जबकि सिरसिया में चयनित भूमि पर अग्निशमन केंद्र निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने की तैयारी की जा रही है।
तीन तहसील, नौ थाना व पांच विकासखंड वाले इस जिले की कुल आबादी साढ़े तेरह लाख है। जिले की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि जिले को राप्ती नदी व जंगल दो भागों में बांटते है। इनमें से जमुनहा व इकौना तहसील क्षेत्र के एक तिहाई से अधिक गांव राप्ती नदी पार पड़ते हैं। वहीं भिनगा तहसील व सिरसिया विकास क्षेत्र जंगल पार पड़ता है। अब तक मात्र भिनगा में ही अग्निशमन केंद्र संचालित है। जबकि अस्थायी रूप से इकौना में अग्निशमन वाहन व कर्मियों को तैनात किया गया है। लेकिन अब जल्द ही इस समस्या से निजात मिलने वाली है।
इसके लिए जहां बौद्ध परिपथ के किनारे गिलौला के गोंडारी गांव में अग्निशमन केंद्र निर्माण का कार्य जारी है। वहीं जमुनहा व इकौना में अग्निशमन केंद्र निर्माण के लिए स्वीकृति मिलने के साथ ही भूमि चयन प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। जबकि सिरसिया के निरालानगर में चयनित भूमि पर अग्निशमन केंद्र निर्माण के लिए शासन से स्वीकृति मांगी गई है।
एक तरफ जहां जून 2024 तक गोंडारी में अग्निशमन केंद्र का संचालन प्रारंभ हो सकता है। वहीं संभव है बरसात बाद इकौना व जमुनहा में अग्निशमन केंद्र निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाए। यदि ऐसा हुआ तो अग्निकांड की घटनाओं को रोकने में भिनगा पर निर्भरता कम होगी। वहीं कम समय में अग्निशमन वाहन घटनास्थल पर पहुंच कर जन व धनहानि रोकने में सफल होंगे।