गंध कुटी की परिक्रमा करते बौद्ध अनुयायी।
कटरा। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती में सोमवार को श्रीलंका के बौद्ध अनुयायियों का दल पहुंचा। अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु दीपालोक की अध्यक्षता में वर्षावास की विशेष पूजा गंध कुटी पर आयोजित की। पूजा के बाद बौद्ध सभा का आयोजन किया गया। सभा के दौरान बौद्ध भिक्षु दीपालोक ने कहा कि भगवान बुद्ध के मुख्य उपदेशों में चार आर्य सत्य हैं। साथ ही बुद्ध ने मनुष्यों को अष्टांगिक मार्ग का उपदेश भी दिया है। इसमें सही समझ, सही विचार, सही वाणी, सही कर्म, सही आजीविका, सही प्रयास, सही स्मृति और सही समाधि शामिल हैं। इस मौके पर काफी संख्या में बौद्ध अनुयायी मौजूद रहे।