बौद्ध तपोस्थली स्थित गंध कुटी में दर्शन-पूजन करते अनुयायी।
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती सोमवार को श्रीलंका से पहुंचे 113 सदस्यीय अनुयायी दल के आगमन से गुलजार रही। बौद्ध भिक्षु सुमेधा महाथेरो के नेतृत्व में सभी ने पारंपरिक तरीके से गंध कुटी में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद आयोजित बौद्ध सभा में भिक्षु सुमेधा महाथेरो ने बौद्ध दर्शन के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सच्चा ज्ञान संसार के दुखों का निवारण ढूंढना है। अध्यात्म यह बताता है कि हर वस्तु परिवर्तनशील है, इसलिए दुख बीतेगा और सुख आएगा। चार आर्य सत्यों को जानने से ही दुख का निवारण संभव है। सभा के बाद विदेशी अनुयायियों ने तपोस्थली के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कर उनके इतिहास की जानकारी प्राप्त की।