कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती मंगलवार को श्रीलंका से आए 30 सदस्यीय अनुयायी दल से गुलजार रही। दल ने बौद्ध भिक्षु सुमेधा महाथेरो के नेतृत्व में गंधकुटी का पारंपरिक दर्शन-पूजन किया। इस दौरान एक बौद्ध सभा का भी आयोजन हुआ। भिक्षु सुमेधा महाथेरो ने कहा कि सच्चा ज्ञान दुख निवारण के उपाय ढुंढना और उन पर आचरण करना है। अध्यात्म बताता है कि हर वस्तु परिवर्तनशील है। इसलिए दुख की अवस्था भी बीतेगी और सुख आएगा। इस सत्य को जानना ही सच्चा ज्ञान है और यही दुख का निवारण करता है। दुख का निवारण चार आर्य सत्यों को जानने से संभव है। ये सत्य है कि संसार में दुख है और इसका कारण भी है। दुख का कारण दूर करने से दुख दूर किया जा सकता है। चौथा सत्य है कि मध्यम मार्ग पर आचरण से दुख दूर होता है।