सिविल जज प्रवर खंड एफटीसी व एमपी एमएलए कोर्ट ने दिया आदेश
श्रावस्ती। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पूर्व विधायक व इकौना के तत्कालीन सपा प्रत्याशी पर चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ था। जिसमें पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। एफएसटी टीम प्रभारी ने एमपी एमएलए कोर्ट में प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। जिस पर न्यायालय ने शनिवार को पुनर्विवेचना का आदेश जारी किया है।
भिनगा के पूर्व विधायक मोहम्मद असलम रायनी वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में श्रावस्ती से सपा प्रत्याशी थे। जिनकी ओर से 11 फरवरी 2022 को बगैर अनुमति इकौना रजिस्ट्री कार्यालय परिसर में शाम पांच बजे चुनावी सभा की गई थी। जिसमें करीब 500-600 लोग शामिल हुए थे। इस मामले में एफएसटी टीम प्रभारी व सीडीपीओ राजेंद्र प्रसाद वर्मा की तहरीर पर इकौना थाने में तत्कालीन सपा प्रत्याशी सहित करीब 600 अज्ञात लोगों के विरुद्ध आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन सहित कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में इकौना पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की थी। मामले में पुलिस ने एसडीएम इकौना का बयान भी दर्ज नहीं किया था। न ही वादी मुकदमा व एसडीएम से फोन पर हुई वार्ता का सीडीआर लिया गया। जिसका विरोध करते हुए एफएसटी टीम प्रभारी ने सिविल जज प्रवर खंड (त्वरित न्यायालय) व अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी एमएलए कोर्ट देवर्षि देव कुमार के समक्ष प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। जिसे स्वीकार करते हुए शनिवार को एमपी एमएलए कोर्ट ने पुलिस को मामले की पुनर्विवेचना का निर्देश दिया है। साथ ही एसपी से विवेचक नामित कर शीघ्र ही विवेचना की अग्रिम कार्रवाई से न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है। (संवाद)