एलिम्को के क्षेत्रीय पुनर्वास केंद्र में ही होगा निर्माण
श्रावस्ती। दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंगों का निर्माण अब श्रावस्ती में ही होगा। इसका फायदा मंडल के चारों जिलों को होगा। कृत्रिम अंगों का निर्माण एलिम्को द्वारा स्थापित किए जाने वाले क्षेत्रीय पुनर्वास केंद्र में किया जाएगा। इसकी घोषणा एलिम्को के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक ने की।
दिव्यागों को कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण निशुल्क एलिम्को उपलब्ध कराती है। अब तक उपकरण देने के लिए एलिम्को जिला प्रशासन के साथ मिल कर पहले परीक्षण कैंप का आयोजन करता था। इसके बाद चिन्हित दिव्यांगों को कुछ दिन बाद कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण देता था। इस पूरी प्रक्रिया में काफी दिन लग जाते थे। यहीं नहीं इस तरह का कैंप वर्ष में एक बार या फिर तीसरे वर्ष ही लगता था इसलिए जो दिव्यांग जानकारी के अभाव में कैंप में नहीं आ पाते थे उन्हें कृत्रिम अंग के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब दिव्यांगों को श्रावस्ती में ही कृत्रिम अंग बना कर लगाए जाएंगे। इसके लिए एलिम्को जिले में क्षेत्रीय पुनर्वास केंद्र स्थापित करने जा रहा है। इसकी घोषणा एलिम्को के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक प्रवीन कुमार ने की है। वह एलिम्को द्वारा कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण वितरण कैंप में हिस्सा लेने के लिए जिले में आए थे। इस दौरान उन्होंने संयुक्त जिला चिकित्सालय में संचालित जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण भी किया था। यहां की व्यवस्था व जिले के साथ ही मंडल में कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण की आवश्यकता को देखते हुए यह घोषणा किया था। इस मौके पर उन्होंने कहा था कि एलिम्को द्वारा स्थापित किए जाने वाले क्षेत्रीय पुनर्वास केंद्र में केवल उपकरण का ही निर्माण नहीं किया जाएगा बल्कि मरम्मत भी की जाएगी। साथ ही वृद्धजनों को भी इस केंद्र से जोड़ कर उन्हें सहायक उपकरण दिया जाएगा। जिसमें आंख के लिए चश्मा, दांत, वाकर, कान की मशीन सहित कई उपकरण शामिल है। इस केंद्र के खुल जाने के बाद दिव्यांग व वृद्धजनों को कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण के लिए इंतजार नहीं करना होगा।