श्रावस्ती। भिनगा स्थित एक मैरिज लॉन में 11 दिवसीय शिव महापुराण की कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के 10 वें दिन मंगलवार को प्रवाचक पंडित रमन शास्त्री ने भगवान शिव के भक्ति की महिमा का गुणगान किया। प्रवाचक ने कहा कि भगवान शिव का एक नाम भोले शंकर भी है। वह अपने भक्तों को बिना कुछ सोचे विचारे सर्वस्व प्रदान करने वाले हैं। उनकी भक्ति करने वाले से काल भी दूर रहता है। ऋषि मृकंडु और उनकी पत्नी मरुद्मती को भगवान शिव के वरदान से पुत्र की प्राप्ति हुई थी, लेकिन उसकी आयु केवल 16 वर्ष ही निर्धारित थी। माता-पिता ने बालक का नाम मार्कंडेय रखा। बालक मार्कंडेय जब 16 वर्ष के हुए तो वह जाकर शिवलिंग से लिपट गए। यमराज ने बालक के प्राण लेने के लिए जैसे ही पाश फेंका तो भगवान शिव प्रकट हो गए और मार्कंडेय को अमरता का वरदान दिया। इस मौके पर काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।