भिनगा के राजर्षि काली मंदिर में पूजन करते श्रद्घालु
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। चैत्र नवरात्र अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। शनिवार को अष्टमी पर सभी देवी मंदिरों में भक्तों ने आदिशक्ति महागौरी की विधि विधान से पूजा-अर्चना की। कई स्थानों पर लोगों ने पूजन व हवन कर कन्या भोज भी कराया। इसके साथ ही मुंडन आदि मांगलिक आयोजनों के कारण देवी मंदिरों में भक्तों का हुजूम देखने को मिला।
चैत्र नवरात्र के आठवें दिन मंगलवार को भक्तों ने मां महागौरी का विधि विधान पूर्वक पूजन-अर्चन किया। मां महागौरी के बारे में कहा जाता है कि अष्टभुजी व असुरों का संहार करने वाली महागौरी धन धान्य गृहस्थ, अखंड सौभाग्य, सुख एवं शांति की प्रतीक हैं। मां के पूजन-अर्चन करने से भक्तों को उनकी कृपा प्राप्त होती है। इस दौरान देवी मंदिरों में पूजन-अर्चन व हवन सहित अन्य अनुष्ठानों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है।
द्वितीया व अष्टमी का व्रत रहने वालों ने हवन पूजन व कन्या भोज कराकर देवी मां की कृपा प्राप्त की। इसके साथ ही ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र के देवी मंदिरों में लोगों ने बच्चों के मुंडन संस्कार सहित अन्य मांगलिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। वहीं लोगों के घरों में चल रहे यज्ञ अनुष्ठान एवं मंदिरों में बजने वाले शंख, घंटा व घड़ियाल के साथ हवन-पूजन से उठने वाली सुगंध से जिले में भक्ति की रसधार बह रही है।