जमुनहा (श्रावस्ती)। राप्ती नदी में 26 जुलाई को आई बाढ़ के दौरान लकड़ी निकालते समय एक बालक डूब गया था। उसका शव बीते सोमवार को देर शाम लक्ष्मनपुर सेमरहनिया के पास मिला। सूचना पर पहुंची मल्हीपुर पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से शव को नदी से बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भिनगा भेजा है।
मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सर्रा के मजरा भौसाव निवासी सगीर (10) पुत्र इस्लाम बीते बुधवार को राप्ती नदी में आई बाढ़ देखने गया था। जहां वह ग्रामीणों के साथ नदी में बह रहे एक लकड़ी के टुकड़े को निकालने का प्रयास करने लगा। इस बीच पैर फिसल जाने के कारण वह नदी में डूब गया था। मल्हीपुर पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों के सहयोग से नदी में उसकी गहन तलाश कराई लेकिन बालक का कुछ पता नहीं चल सका था।
बीते सोमवार की शाम भौसाव के पास नदी किनारे मवेशियों को पानी पिलाने गए चरवाहों ने बोल्डर के तार में किसी को फंसा देखा। उसका सिर्फ पैर दिखाई दे रहा था। इसकी सूचना चरवाहों ने मल्हीपुर पुलिस को दी मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से शव को नदी से बाहर निकलवाने का प्रयास किया। लेकिन बहाव तेज होने के कारण शव पुन: बह कर आगे चला गया। जिसे गोताखोरों ने करीब तीन किलोमीटर दूर लक्ष्मनपुर सेमराहनिया के पास से नदी से बाहर निकाला।