सिसवा पुल के निकट फोरलेन पर बना गड्ढा
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श्रावस्ती। जिले में बौद्ध परिपथ व फोरलेन सहित अन्य प्रमुख मार्ग क्षतिग्रस्त हैं। कहीं टूटे अप्रोच कहीं क्षतिग्रस्त मार्ग व नदारद पटरियां दुर्घटना को खुला आमंत्रण दे रही हैं। जिन पर उगी झाड़ियों के कारण कब कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो जाए, इसकी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसकी जानकारी के बाद भी लोक निर्माण विभाग समस्या को नजरअंदाज कर लोगों की जान जोखिम में डाल रहा है।
भिनगा-बहराइच फोरलेन मुख्य मार्ग पर जरकुसहा व लक्ष्मननगर के निकट बने पुल का अप्रोच क्षतिग्रस्त था। जिसकी मरम्मत के बाद यहां ठोकर बन गई है। ऐसे में मार्ग से गुजरने वाले दो पहिया व छोटे चौपहिया वाहनों के पलटने का खतरा बना हुआ है। इसी मार्ग पर पिपरा पुल के दक्षिणी हिस्से में मार्ग व उसकी पटरियां क्षतिग्रस्त हैं। जिन पर बने गड्ढे के कारण कब कोई बड़ी घटना घटित हो जाए। इसकी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
इतना ही नहीं पुलिस लाइन के निकट फोरलेन की पटरी भी नदारद है। जिस पर उगी झाड़ियों के कारण यहां पटरी है कि नहीं इसका अंदाजा नहीं लग पा रहा है। यही स्थिति भिनगा कानीबोझी बाया परसा मार्ग, बौद्ध परिपथ, जमुनहा बहराइच, भिनगा लक्ष्मनपुर, सिरसिया तालबघौड़ा व इकौना मार्ग की भी है। जिनकी कई स्थानों पर पटरियों की मिट्टी बह जाने व उस पर झाड़ियां उग जाने के कारण दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। आगामी दिनों कोहरा भी पड़ेगा। जिससे रात ही नहीं दिन के उजाले में भी वाहन चालकों को मार्ग पर बने गड्ढे व क्षतिग्रस्त पटरियों की जानकारी नहीं हो सकेगी। ऐसे में कब कोई बड़ी घटना घटित हो जाए। इसकी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
वहीं पिपरा पुल के निकट बना गड्ढा रात में दिखाई ही नहीं देता। ऐसे में वाहनों के पास लेते समय यहां वाहनों के पलटने का खतरा उत्पन्न है। देखा जाए तो इसी मार्ग से होकर सभी जिला, ब्लॉक व तहसील स्तरीय अधिकारियों का नियमित आना-जाना रहता है। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग की ओर से समस्या को नजर अंदाज किए जाने के कारण जनाक्रोश पनप रहा है। वहीं इस बारे में अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग एसके हरित बताते हैं कि बरसात समाप्त हो गई है। जल्द ही मार्ग व पटरियों की मरम्मत कराई जाएगी।