श्रावस्ती। कोरोना से बचाव के लिए शासन की ओर से जारी अलर्ट का जिले में अनुपालन नहीं हो रहा है। जिले में कोरोना पांव न पसारे इसके लिए आमजन ही नहीं कर्मचारी व अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। सार्वजनिक स्थलों पर आमजन ही नहीं जिम्मेदार भी बगैर मास्क सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
नेपाल सीमा से सटे इस जिले में कई पारंपरिक व गैर पारंपरिक मार्ग जिले के कस्बों, बाजारों व गांवों को नेपाल से जोड़ते हैं। जिससे होकर हजारों की संख्या में लोगों का नियमित आना-जाना रहता है। इनमें से कौन कहां से आ रहा है। इसकी जानकारी भी किसी को नहीं रहती।
वहीं चीन में कहर बरपा रहे ओमिक्रोन बीएफ-7 के कुछ मरीज देश में भी चिह्नित हुए हैं। जिसे देखते हुए शासन ने बाहर से आने वालों की रेंडम जांच कराने के साथ ही पुलिस कर्मियों को बगैर मास्क ड्यूटी न करने व आमजन को मास्क व सामाजिक दूरी अपनाने के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया है। जिसका जिले में कहीं भी अनुपालन होता नहीं दिख रहा है।
डीएम सीडीओ व सीएमओ तथा सीएमएस को नजरअंदाज कर दिया जाए तो अधिकांश अधिकारी व कर्मचारी मास्क जरूरी नहीं समझ रहे हैं। चाहे चकबंदी न्यायालय हो या तहसील अथवा राजस्व विभाग के दफ्तर। कोई भी पीठासीन, पेशकार, अधिवक्ता व वादकारी मास्क का इस्तेमाल नहीं कर रहा है।
इतना ही नहीं लॉकप ड्यूटी सहित थानों व चौक चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी भी बगैर मास्क ड्यूटी करते देखे जा रहे हैं। यही नहीं न्यायालय परिसर सहित तहसीलों में अधिवक्ताओं की चौकियों, दुकानों, बाजारों व माल सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लोग बगैर मास्क सामाजिक दूरी की अवहेलना करते देखे जा सकते हैं।
यही हाल बसों व अन्य यात्री वाहनों का भी है। जहां बगैर मास्क क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर ढोया जाया जा रहा है। इस बारे में एएसपी प्रवीण कुमार यादव ने बताया कि सभी पुलिसकर्मियों को अनिवार्य रूप से मास्क लगाने, लोगों को इसके लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया जा चुका है। शनिवार से कोई भी पुलिसकर्मी बगैर मास्क ड्यूटी करता नहीं मिलेगा।