श्रावस्ती। तराई के किसानों पर मौसम की मार थमने का नाम नहीं ले रही। आए दिन हो रही बरसात से काट कर रखी गई फसलें भीग रही हैं। वहीं शुक्रवार को तेज हवाओं के साथ हुई बरसात से कई क्षेत्रों में गेहूं की फसल गिर गई। जिसे देख किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिले में मौसम का मिजाज आए दिन रंग बदल रहा है। इससे किसानों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। शुक्रवार सुबह अचानक तेज हवाओं के साथ हुई बरसात ने जहां आम की फसल को नुकसान पहुंचाया। वहीं खेतों में काट कर रखी गई अलसी, मसूर, लाही, सरसों व तोरिया की फसल की मड़ाई का काम बाधित कर दिया। फसल भीग जाने से किसानों के सामने अब उन्हें सुखाकर मड़ाई करने की समस्या उत्पन्न हो गई है। वहीं तेज हवाओं के बीच हुई बरसात के कारण खेतों में लगी मक्का, गेहूं, तोरिया, लाही, सरसों, मसूर आदि की फसलें भी गिर गई। जिससे इन फसलों के खराब होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। आए दिन हो रही बेमौसम बरसात से अन्नदाता परेशान हैं। किसानों का मानना है कि यदि मौसम ऐसे ही रंग बदलता रहा तो उन्हें अपनी फसल को सुरक्षित करने में मुश्किल होगी। जिसका उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस बारे में जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव का कहना है कि किसान जो फसल कट चुकी है उसकी तत्काल मड़ाई कर लें। खेतों में जो फसल तैयार हो चुकी है तो मौसम सामान्य होते ही उन्हें काटकर सुरक्षित कर लें। संवाद