ईट भट्ठे पर छापेमारी के दौरान मौजूद अधिकारी व श्रमिक
इकौना (श्रावस्ती)। रमवापुर डकाही स्थित चौधरी ब्रिक फील्ड पर 44 मजदूरों को बंधक बनाकर उनसे कार्य लिया जा रहा था। इसकी जानकारी होने पर बृहस्पतिवार सुबह श्रम प्रवर्तन टीम के साथ एसडीएम ने पहुंचकर सभी मजदूरों को मुक्त कराया। मजदूर रामपुर जिले के रहने वाले हैं। मजदूरों का ठेकेदार भट्ठा व्यवसायी से कार्य के एवज में पैसा लेकर फरार हो गया है।
भट्ठा व्यवसायी लेबर के ठेकेदारों या परिवार के मुखिया को मोटी रकम देकर श्रमिकों को ईंट-भट्ठों पर कार्य करने के लिए लाते हैं। इन लेबरों को प्रति सप्ताह केवल खुराकी देकर उनसे बंधुआ मजदूरों की तरह काम लिया जाता है। इसका खुलासा बृहस्पतिवार सुबह उस समय हुआ जब इकौना के रमवापुर डकाही के पास स्थिति चौधरी ब्रिक फील्ड पर 44 मजदूरों के बंधुआ होने की सूचना मिली।
श्रम प्रवर्तन टीम के सहायक श्रमायुक्त संत पाल, श्रम प्रवर्तन अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा, एसडीएम इकौना अरुण कुमार, सीओ संतोष कुमार व नायब तहसीलदार इकौना ने वहां पर छापा मारा। टीम को वहां 44 मजदूर मिले। जिनसे उनके मर्जी के खिलाफ जबरन कार्य कराया जा रहा था। सभी मजदूर रामपुर जिले के रहने वाले हैं। बंधक मजदूरों में 23 महिलाएं व 21 पुरुष हैं। जिन्हें टीम ने बाद में उनके गृह जिले रामपुर भेजा दिया। सहायक श्रमायुक्त संत पाल ने बताया कि पूछताछ में भट्ठा मालिक ने बताया कि ठेकेदार ने इन मजदूरों को यहां छोड़कर पैसा लेकर गया था। उसने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया है। इस कारण सभी मजदूर यहां फंसे हुए थे।