श्रावस्ती। जिले में चार वर्ष पूर्व आई भीषण बाढ़ से भुजंगा-सेमरी-तरहर मार्ग कई स्थानों पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इतना ही नहीं मार्ग को पुलिया से जोड़ने वाला अप्रोच भी बाढ़ की भेंट चढ़ गया था। इसकी अब तक मरम्मत नहीं कराई गई है। ऐसे में क्षेत्रवासी जान जोखिम में डाल कर सफर करने को विवश हैं। वहीं, विभाग की यह लापरवाही शरद ऋतु में लोगों के लिए घातक साबित हो सकती है क्योंकि कोहरे की वजह से थोड़ी दूरी पर दिखना भी बंद हो जाता है।
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को तीस नवंबर तक मार्गों को गड्ढा मुक्त करने का निर्देश दिया था। जिले में इसका कितना अनुपालन हो रहा है इसका अंदाजा भुजंगा-सेमरी-तरहर मार्ग को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। हरिहरपुररानी विकास क्षेत्र के ग्राम भुजंगा स्थित केन नाले के बगल से होकर गुजरी यह सड़क वर्ष 2018 में केन नाले में आई बाढ़ के कारण कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई थी। कई जगह मार्ग की पटरियां तो कुछ जगह आधी सड़क ही गायब हो गई थी। मार्ग पर बनी पुलिया का अप्रोच भी बह गया था। चार वर्ष से बदहाली का यह दौर जारी है, लेकिन जिम्मेदारों को कोई परवाह नहीं हैं। इस मार्ग से होकर करीब 42 गांवों के लोगों का नियमित आना-जाना रहता है। लोगों का कहना है कि इस सड़क से निकलना किसी जंग से कम नहीं है। किसी तरह दो पहिया ही गुजर पाते हैं। चार पहिया वाहनों का आवागमन बाधित है। लोगों को आवागमन के लिए दूसरे मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है। अब कोहरे का दौर शुरू हो गया है। ऐसे में इस रास्ते से निकलना और खतरनाक हो गया है। क्षेत्रवासियों ने डीएम से हस्तक्षेप कर सड़क व अप्रोच दुरुस्त कराने की मांग की है।