बोधि वृक्ष के नीचे भगवान बुद्ध की पूजा करते बौद्ध अनुयायी।
- फोटो : बोधि वृक्ष के नीचे भगवान बुद्ध की पूजा करते बौद्ध अनुयायी।
कटरा। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती में देश व विदेश से लोग पहुंचे। इस दौरान उन्होंने तपोस्थली में पूजा की। बौद्ध भिक्षु देवेंद्र की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लंदन से आए बुद्ध धम्म संगठन यूनाइटेड किंगडम के अध्यक्ष डॉ. हरबंस विरदी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध ने संसार को शांति, अहिंसा व प्रेम का संदेश दिया है। उनके बताए मार्ग पर चलकर विश्व का कल्याण हो सकता है। यह पर्व शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश देता है। बुद्ध पूर्णिमा का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। बौद्ध भिक्षु ने कहा कि भगवान गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व लुंबिनी (नेपाल) में हुआ था। उन्होंने मानव जीवन के दुखों को देखकर सत्य की खोज की और कठोर तपस्या के बाद बोधगया में ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने संसार को मध्यम मार्ग अपनाने और सत्य के पथ पर चलने की शिक्षा दी। इस दौरान नेपाल, थाईलैंड, भूटान, महाराष्ट्र, बनारस आदि स्थान से लोग पहुंचे। इस मौके पर विजय कुमार बौद्ध, पूजाराम सोनकर, अविनाश पटेल, अशोक कुमार शाक्य, पवन कुमार सिंह बौद्ध आदि मौजूद रहे।