श्रावस्ती। भारत-नेपाल सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पहली बार जिले में 2,416 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अधिकांश कैमरे नेपाल की ओर से आने वाली पगडंडियों पर लगे हैं। वहीं क्षेत्र के संभ्रांत लोगों से भी मदद मांगी गई है।
भारत-नेपाल की जिले में करीब 40 किलोमीटर खुली सीमा है। यहां से आने-जाने के लिए पगडंडियां हैं, जहां न तो जांच हो पाती है और न ही सुरक्षा के इंतजाम हैं। वहीं जंगली रास्ते भी नेपाल की ओर जाने वालों के लिए रास्ता सुगम बनाते हैं। जबकि सीमा से सटे हुए नेपाल में कई राष्ट्रीय मार्ग भी हैं जो सीधे काठमांडू को सीमा क्षेत्र से जोड़ते हैं।
ऐसे में काठमांडू से कोई भी व्यक्ति आसानी से सीमा पार करके श्रावस्ती में प्रवेश कर सकता है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए पुलिस ने अभियान चलाया था। जिसके तहत ग्राम प्रधान समेत अन्य संभ्रांत लोगों से मदद ली जा रही है। इन लोगों के घरों के आसपास सीसीटीवी कैमरा लगवा कर उसका रुख पगडंडी की ओर करवाया गया है। जिले में अब तक 2,416 कैमरे लगवाए जा चुके हैं।
सभी कैमरे वाईफाई सुविधायुक्त हैं। जिनका आईपी एड्रेस स्थानीय थानों में हैं, जहां से इन सुनसान रास्तों की निगरानी की जा सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि पुरानी रिकॉर्डिंग डिलीट न करें। एसपी प्राची सिंह ने बताया कि ऐसे रास्तों की निगरानी पुलिस के लिए चुनौती थी। अब जनसहयोग से लगे सीसीटीवी कैमरों से इन रास्तों पर 24 घंटे निगाह रखी जा सकती है।